Sunday, November 3, 2019
वफ़ा की क़दर
Friday, November 1, 2019
मुझे बर्बाद
यूँ अफवाहों में पर कर क्यों रिश्ते खराब करते हो,
मेरा तो सब कुछ तुम ही तो हो, फिर क्यों मुझे बर्बाद करते हो।।
#आशु
Wednesday, October 30, 2019
Tuesday, October 29, 2019
इशारों में लफ़्ज
ये इशारों में लफ़्ज अधूरे से रह गए हैं,
किसी के बाहों में भी होकर पूरे हो गए हैं ।।
#आशु
नाजुक सी नजर
नाजुक सी नजर पड़ी तो क़त्ले आम कर गयी,
हम तो वैसे भी मर ही रहे थे,
फिर ये अदा उनकी सारा काम कर गयी।।
#आशु
Monday, October 28, 2019
उसके आँखों के एक क़तरे
मैं आज भी रोता हूँ उसके आँखों के एक क़तरे को देख कर,
और वो कहती है तुम हर बात पे रोते हो।।
#आशु
मजहब को किनारे
वो मजहब को किनारे रख मेरे मंदिर में माथा टेकती थी,
मैंने भी उस बाबा के मज़ार का चादर ओढ़ा था।।
#आशु
Saturday, October 26, 2019
मुझे ही बेवफा लिखता है
Friday, October 25, 2019
Thursday, October 24, 2019
मेरी भरी जवानी
ये नज़राना भी उसका गुजर शाम सा गया,
जाते जाते, दिल मेरा बर्बाद कर गया,
जो होश बाकी था, उसकी याद में ऐब,
मेरी भरी जवानी नीलाम कर गया ।।
#आशु
बेवफा की मोहब्बत
सुना है उस बेवफा की मोहब्बत बिक रही है,
अब औरों को भी उसमें मिलावट मिल रही है ।।
#आशु
Wednesday, October 23, 2019
किसी और के साथ
तमाम उम्र गुजर रही है उसकी याद में,
सीने से लिपट कर सोती है किसी और के साथ में ।।
#आशु
Tuesday, October 22, 2019
होटों की गरमाहट
उसकी नर्म होटों की गरमाहट जब भी मेरे नाम को छुआ है,
अये खुदा कैसे कहूँ की वो आज भी मुझसे जुदा है ।।
#आशु
उसका ख़त
मुक़्क़द्दर की बात तो नहीं शायद, उसका ख़त आज भी आता है,
बिना चाहत के भी ऐसे भला रिश्ता कौन निभाता है ।।
#आशु
Monday, October 21, 2019
आखिरी ख़्वाहिश
आखिरी ख़्वाहिश की इन्तेहाँ लिख रहा था,
वो अपने जख़्म की साज़ो पर मेरा नाम लिख रहा था ।।
#आशु
Friday, October 18, 2019
मैं अपनी हाथ खींच लूंगा
मैं सबब अपनी आदतों से इंक़लाब लिख दूँगा,
उसकी बेवफ़ाई के क़िस्से सरेआम लिख दूँगा,
जाना ही था उसे वो बहाना ढूँढ़ने लगे,
उसे आगे बढ़ा कर मैं अपनी हाथ खींच लूंगा ।।
उठ गया जनाजा
मुद्दतों से जिसकी तलाश थी,
वो भी मिल गयी आख़िरी साँस पर,
बांध के कफ़न उठ गया जनाजा,
एक झलक को तरशे इशी आश पर ।।
#आशु
Monday, October 14, 2019
मोहब्बत सिर्फ तुझसे
अब जितनी बार भी हो मोहब्बत सिर्फ तुझसे करना है ।।
#आशु
Wednesday, October 9, 2019
Tuesday, October 8, 2019
Sunday, October 6, 2019
Thursday, October 3, 2019
बेवफ़ा तेरा ज़िक्र
आख़िरी नज़्म लिख देता, बेवफ़ा तेरा ज़िक्र लिख देता,
मोहबत-ए-वादा जो हमने न कि होती, हर एक क़लमा में तेरा फ़िक्र लिख देता ।।
#आशु
Wednesday, October 2, 2019
पर ये हरक़त-ए-बचकानी सच्ची लगती है
इस क़दर मेरी यूँ कहानी भी अच्छी लगती है,
तेरी शुर्ख जवानी भी कच्ची लगती है,
माना तुझे तज़ुर्बा हो बहोत शायद,
पर ये हरक़त-ए-बचकानी सच्ची लगती है ।।
#आशु
Tuesday, October 1, 2019
Wednesday, September 25, 2019
मुझे आजमाने से
वो कहते थे हम नही बदलते तुम मुकर जाते हो हर वादे से,
आज वो खुद पिछे हट गए मुझे आजमाने से ।।
Tuesday, September 24, 2019
Saturday, September 21, 2019
Saturday, September 14, 2019
Saturday, September 7, 2019
साहस टूट नही गयी
हमारी तो बस खफ़ा है ज़िन्दगी छूट नही गयी,
अभी बाकी है हिम्मत मालिक, साहस टूट नही गयी ।
Thursday, September 5, 2019
Wednesday, September 4, 2019
किसी और से प्यार
ऐतिहात जरूरी है,
शिकवा नहीं होता,
कम प्यार देने वाला,
हमेशा बेवफा नही होता,
ये वक़्त वक़्त की बात है वरना,
दिल मे बसा कर किसी को
किसी और से प्यार नही होता ।
तेरे इश्क़ में दिल
यूँही नही आते हैं तेरे ख़्याल दिन और रात,
डूबाना पड़ता है तेरे इश्क़ में दिल को सुबहो शाम।
तीर से घायल
वो ख़लिश वो शिकवा कौन करता है,
यहाँ अपनो को जुदा अपनो से कौन करता है,
उसकी भी कुछ मजबूरी रही होगी,
यूँही निगाहों के तीर से घायल कौन करता है ।
Tuesday, September 3, 2019
उसकी आँखों के काजल
इतनी भी क्या दीवानगी की हर कोई दीवाना बने फिरे,
कुछ तो बात हुआ करती थी उसकी आँखों के काजल की ।
Monday, September 2, 2019
Sunday, August 25, 2019
तेरी ही तस्वीर
वो ख़्वाब तो तुम्हे ही दिखाने की थी,
तुम्हारी तस्वीर जो बनानी थी,
बनाते भी कैसे कोई जगह भी तो खाली नही थी,
हर पन्ने पर तेरी ही तस्वीर पुरानी थी।
Thursday, August 22, 2019
Wednesday, August 21, 2019
जिसके दिल मे फिर से बसाया न जाऊँ ।
बन सकूं फिर ऐसा की आसानी से भुलाया न जाऊँ,
थम जाऊँ बाहों में उसके,
जिसके दिल मे फिर से बसाया न जाऊँ ।
Saturday, August 17, 2019
मुलाक़ात के बाद
परेशानी न दूं तुझे कभी आज के बाद,
ये सिलसिला बढ़ गया है मुलाक़ात के बाद,
तू गम न कर हम छोड़ देंगे,
आज हँस लेने दे कल से हम रो लेंगें ।
Friday, August 16, 2019
अंजाम लिख ने वाले
वक़्त पर फासलों का भी आवाज़ होगा,
जो खो गया है उसको भी एहसास होगा,
अंजाम लिख ने वाले ज़रा ये भी तो बता,
जो दे गया है तू उसका क्या नाम होगा।
Friday, August 9, 2019
मगर बहोत मशहूर हैं हम।
तुम्हारे साथ नहीं तो क्या दूर हैं हम,
रो रहें हैं तो क्या मज़बूर हैं हम,
खुशियाँ भी खुशी से इज्ज़ाजत मांगती है हमसे,
तुम्हारे महफ़िल में न सही,
मगर बहोत मशहूर हैं हम।
Monday, August 5, 2019
आँखों मे पानी
तेरी अधूरी कहानी भी सच्ची लगती है,
तू गर भी हो किसी की,
ये जवानी भी अच्छी लगती है,
माना मेरे अल्फ़ाज़ बयाँ नही कर पाते,
पर तेरी आँखों मे पानी भी अच्छी लगती है ।
मोहब्बत की किताब को लिख देना।
मैं सीखा दूँगा तुम सीख लेना,
आंखों में आंखे डालकर सींच देना,
गर थोड़ा भी शक़ हो मेरी क़ाबिलियत पर,
मेरी लहू लेना और मोहब्बत की किताब को लिख देना।।।
Saturday, August 3, 2019
Monday, July 29, 2019
दिल बेज़ुबान रह गया।
वो आखिरी पल का हिसाब रह गया,
जो था तेरे मेरे दरमियाँ वो बेहाल रह गया,
तुम निग़ाह-ए-ऐब तलाशते रह गए,
और दिल बेज़ुबान रह गया।
Friday, July 5, 2019
बेखुदी का आलम
बेखुदी का आलम कुछ ऐसा है,
हलक़ अटकी है उनमें,
वो बाजू से लिपट कर इतना रोयीं,
आज भी डूबे हैं इनमें।
Saturday, June 29, 2019
मेरे जवाब बदल जाते हैं।
लो मान लेते हैं मेरे अल्फ़ाज़ बदल जाते हैं,
जो ख्याल हैं तेरे लिए वो ख्याल बदल जाते हैं,
तुम्हें ही पढ़ने का शौख है तो क्या करूँ,
तुम पढ़ती हो मेरे जवाब तो मेरे जवाब बदल जाते हैं।
क्यूंकि हम मुलाक़ात नही करते
जब पता हो जवाब तो सवाल नही करते,
रातों जाग कर नींद बर्बाद नही करते ,
यूँन्हीं पूछ लेते हैं हाल-ए-दिल उनका,
इसी बहाने गुफ़्तगू होती है क्यूंकि हम मुलाक़ात नही करते ।
Sunday, June 23, 2019
मेरे जवाब बदल जाते हैं।
लो मान लेते हैं मेरे अल्फ़ाज़ बदल जाते हैं,
जो ख्याल हैं तेरे लिए वो ख्याल बदल जाते हैं,
तुम्हें ही पढ़ने का शौख है तो क्या करूँ,
तुम पढ़ती हो मेरे जवाब तो मेरे जवाब बदल जाते हैं।
मेरे जवाब बदल जाते हैं।
लो मान लेते हैं मेरे अल्फ़ाज़ बदल जाते हैं,
जो ख्याल हैं तेरे लिए वो ख्याल बदल जाते हैं,
तुम्हें ही पढ़ने का शौख है तो क्या करूँ,
तुम पढ़ती हो मेरे जवाब तो मेरे जवाब बदल जाते हैं।
Tuesday, June 18, 2019
जैसे कभी जुदा
दो लफ्ज़ टूट कर बोल दिए हमने,
उसने कहा तुमको बदलने में वक़्त नहीं लगता,
आज मुद्दतों बाद दिखी वो हमकों,
ऐसे पहचान लिया जैसे कभी जुदा ही न हुए हों ।
Monday, June 17, 2019
Sunday, June 16, 2019
याद उन्हें रखा जाता है
याद उन्हें रखा जाता है जो चुकाने की औकात रखते हैं ।
Friday, April 12, 2019
क़सक लाज की आँखे
नज़्म नगमे नाज़ सब तुमसे चुराता हूँ,
क़सक लाज की आँखे अब खो न जाए,
जो सह नहीं पता वो बातें बताता हूँ।
Tuesday, January 29, 2019
वादे से मुकर जाना
दिल को न उलझाओ ये नादान बहुत है।
वादे से मुकर जाना उसे आसान बहुत है।
बेमुरब्बत-ए-उतर का
कुछ जख्म ऐसे थें जिन्हें ढाँक लिया करता था,
वो अफसोस न करें बेमुरब्बत-ए-उतर का,
वो आज भी हम हीं हैं, जो कल तक आवाज दिया करता था ।
और मैं कमब्ख़त वफ़ा लिखता हूँ
मैं बातों पर उनकी सजदा लिखता हूँ,
वक़्त की आँखों में मैं रह ही कहाँ गया था ?
ज़माने सजा लिखतें हैं, और मैं कमब्ख़त वफ़ा लिखता हूँ।
बेवजह ही बदनाम
मोहब्बत होनी थी जिनसे वो अब क़ायनात की माशूक़ बन चुकी है,
हम तो बेवजह ही बदनाम हैं आशिक़ों की बस्ती में,
एक ही घर था मेरा वो भी अब ताबूत बन चुकी है।
है खफा जिंदगी
ये कोई नही बता रहा ।
हम जा रहे मनाने उसको,
है खफा, जिंदगी ये नही जता रहा ।
जज्बात उनके भी अधूरे हैं ।
कुछ लबों को हमने भी समेटे हैं,
कुछ खयालात उनके भी उभरे,
कुछ जज्बात उनके भी अधूरे हैं ।
Friday, January 25, 2019
Monday, January 21, 2019
हमने अपनों को खोया
हमने अपनों को खोया है, यहीं किनारें होकर,
नौका-ए-सहारा आजमाइश न कीजिये,
हमने खुद को संभाला है, यहीं खुद को लुटा कर।
Tuesday, January 8, 2019
अलफ़ाज़ नहीं थें
खुश रखते और सलामती की दुआ करते,
वो मौसम ही कुछ ऐसा था,
ना ज़िक्र करते और ना जीने की फ़रियाद करतें।