Wednesday, July 10, 2024

जैसे तैसे

एक अरसा जैसे बीत गया हो,

पानी आंखों से सूख गया हो,

तुम गए जैसे बनकर हवा,

हाथ से रेत जैसे फिसल गया हो,

एक अरसा जैसे बीत गया हो।। 

Monday, February 12, 2024

सलीके

 बहुत दुख है दर्द है और भी हैं तकलीफ़े, 

ज़नाब आपसे से तो अच्छे ही हैं मेरे सलीके।।