कहना बहुत कुछ है पर तुमसे नहीं है,
जज़्बात की कद्र भींगा दे वैसे आँसू नहीं है,
इस तरह जिंदगी मिशालें दे रहीं,
तुझमें खुदा देखूँ पे तू खुदा नहीं है।।
जज़्बात की कद्र भींगा दे वैसे आँसू नहीं है,
इस तरह जिंदगी मिशालें दे रहीं,
तुझमें खुदा देखूँ पे तू खुदा नहीं है।।