Tuesday, October 30, 2018

वो दर्द

वो दर्द न समझे खामोशी का,
और हम मुस्कुराना न छोड़ सके ।

तस्सली

तेरे चले जाने से भी,
ईक कमी पुरी हुई है, 
अब जाके खुद से मिला हूँ,
तो तस्सली हुई है ।

Saturday, October 13, 2018

तेरा प्यार

तेरा प्यार तेरा हर किस्सा याद है,
तेरा वफ़ा तेरा चेहरा याद है,
तू भी बदल गया ये तेरा मुक्क़द्दर था,
मुझको तो तेरा हर ज़र्रा याद है। 

मेरी क़दर

मेरी क़दर तू भी करेगा,
ज़रा वक़्त को तो मना लूँ। 

घाव

वो जो खाते हैं भाव, 
क्या उनसे भर जाते हैं जल्दी घाव ?

तेरी याद

वो याद अब धुंधला सा हो गया है, 
जो तेरी याद में आते थे ।

इल्जाम

ये जो इल्जाम लगाया है मुझ पर,
कोई बताएं मुझे कि 
ये वफा के हैं या फिर द़गा के ?