Thursday, September 11, 2025

बिखर जाऊंगा

तुम दरिया बनो, मैं डूब जाऊँगा,

आसु बनके आँखों से बह जाऊंगा,

तुम बसा लेना फिर से इस तसवीर को,

मैं बनता ही घर, बिखर जाऊंगा.

ऐसे फ़सानो से

कब तक खुद को बचाये ऐसे फ़सानो से,
कितनो के घर चलते हैं मेरा नाम गाने से।

Wednesday, July 10, 2024

जैसे तैसे

एक अरसा जैसे बीत गया हो,

पानी आंखों से सूख गया हो,

तुम गए जैसे बनकर हवा,

हाथ से रेत जैसे फिसल गया हो,

एक अरसा जैसे बीत गया हो।। 

Monday, February 12, 2024

सलीके

 बहुत दुख है दर्द है और भी हैं तकलीफ़े, 

ज़नाब आपसे से तो अच्छे ही हैं मेरे सलीके।। 

Friday, December 15, 2023

मैंने गुलिस्तां देखा है

मैंने ख्वाबों के जहाँ मे एक गुलिस्तां देखा है, 

लगता है ज़मी पे आसमाँ देखा है, 

तुम आये तो मैंने गुलिस्तां देखा है, 

तुझमे ही मैंने सारा जहाँ देखा है।। 

Saturday, October 28, 2023

मेरे तरन्नुम

मेरे तरन्नुम की ख़्वाहिश है कि ऐसा फलसफा हो तेरा,

बेदर्द बेग़ैरत जो भी अंजाम हो तेरा,

हम सफे पहली क़द में तुझे ऐलान करते मिलेंगे,

मजनू, रांझा, महिबाल जैसा गुलिस्तां हो तेरा।।

दिल के पास

उफ़्फ़ ये दिक्कतें ये रुसवाई ये तन्हाई का मंज़र,

दिल के पास रहने वालों के ही हाथों में था खंज़र।।