Tuesday, November 22, 2022

है ख्वाहिशें

 है ख्वाहिशें, ख़्वाहिशों का शहर हो,

जहाँ तुम मेरे, हम तुम्हारे हो।।।

Sunday, November 20, 2022

जो बातें दिल में है

 किसी शाम फिर मिलो, एक बात बतानी है,

जो बातें दिल में है, उसे आंखों से सुनानी है।।। 

Saturday, November 19, 2022

एक शाम और एक मुलाक़ात बाकी है।

 कुछ बीत गया कुछ बात बाकी है, 

दरमियाँ हमारे ज़ज़्बात बाकी है, 

कह दो तूफानों से हमें अब खौफ नहीं उसका, 

एक शाम और एक मुलाक़ात बाकी है।।।

जैसे किसी शाम

 उन लम्हों में तेरी कमी भी खूब खलती है,

जैसे किसी शाम समंदर किनारें लहरों पर धूप जलती है।।।