Thursday, September 11, 2025

बिखर जाऊंगा

तुम दरिया बनो, मैं डूब जाऊँगा,

आसु बनके आँखों से बह जाऊंगा,

तुम बसा लेना फिर से इस तसवीर को,

मैं बनता ही घर, बिखर जाऊंगा.

ऐसे फ़सानो से

कब तक खुद को बचाये ऐसे फ़सानो से,
कितनो के घर चलते हैं मेरा नाम गाने से।