वो आखिरी पल का हिसाब रह गया,
जो था तेरे मेरे दरमियाँ वो बेहाल रह गया,
तुम निग़ाह-ए-ऐब तलाशते रह गए,
और दिल बेज़ुबान रह गया।
Monday, July 29, 2019
दिल बेज़ुबान रह गया।
Friday, July 5, 2019
बेखुदी का आलम
बेखुदी का आलम कुछ ऐसा है,
हलक़ अटकी है उनमें,
वो बाजू से लिपट कर इतना रोयीं,
आज भी डूबे हैं इनमें।
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