Thursday, May 4, 2023

पुराने ज़ख़्म

बहुत कुछ अल्फ़ाज़ इकर ए जयां नही हो पाता,

कितना भी कोशिस कर लो एहसास ए अंदाज़ बयां नही हो पाता,


हम हर मुफ़्लिश से उनको बचाते रहे, और

वो कुरेद कुरेद कर पुराने ज़ख़्म सुलगाते रहे।।

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