Monday, September 20, 2021

झख़्म राहें मोहब्बत

 इक ख्वाब में देखा तुझको,

आईने में खुद को सँवार लिया,

मिले इतने झख़्म राहें मोहब्बत में,

मैने उस गली में ही जाना छोड़ दिया।।

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