मैं खोए हुए साज़ को भी चुरा लाऊँगा,
जो टूट गए हैं जाने-अनजाने में, मैं उन्हें भी सजा लाऊँगा,
माना की हमसे गलतियां हुई हैं राह-ए-सफऱ में ,
जो अपने रूठ गए हैं हमसे, मैं उन्हेँ भी मना लाऊँगा।
जो टूट गए हैं जाने-अनजाने में, मैं उन्हें भी सजा लाऊँगा,
माना की हमसे गलतियां हुई हैं राह-ए-सफऱ में ,
जो अपने रूठ गए हैं हमसे, मैं उन्हेँ भी मना लाऊँगा।
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